जैविक खेती पर राष्ट्रीय परियोजना के अंतर्गत जैविक इनपुट संबंधी वाणिज्यिक उत्पादन इकाईयों के लिए पूँजीगत निवेश अनुदान स्कीम

उद्देश्यु

इस स्कीम का उद्देश्य- देश में व्यापक स्तर पर जैविक खेती को बढ़ावा देना है। इस योजना के अंतर्गत जैविक इनपुट जैसे जैव-उर्वरक, फल एवं सब्जी के कचड़े से निर्मित खाद पर विचार किया जाता है।

ऋण के लिए कौन पात्र हैं

व्यक्तिगत, कृषकों/उत्पादकों का समूह, प्रोपराइटरी एवं भागीदारी फर्में , सहकारी समितियां, उर्वरक उद्योग, बीज उद्योग, कंपनियां, निगम ,गैर-सरकारी संस्थाएं तथा उत्पादन में लगी वर्तमान ईकाइयां (विस्तार/नवीनीकरण) इस स्कीम के अंतर्गत पात्र हैं।

ऋण राशि
जैव उर्वरक – जैव कीटनाशक दवाईयां उत्पादन इकाई के लिए

1) स्वामी का अंशदान      25-33%
2) भारत सरकार से अनुदान जिसकी अधिकतम सीमा      25% होगी
3) बैंक ऋण      42-50%

फल एवं सब्जी के कचड़े से निर्मित खाद के लिए

1) स्वामी का अंशदान     25-33%
2) भारत सरकार से अनुदान जिसकी अधिकतम सीमा     33% होगी
3) बैंक ऋण      34-42%

परियोजना की लागत स्थान, क्षमता, प्राद्योगिकी, इन्वॉयस कीमत आदि

प्रतिभूति

समय समय पर निर्धारित मानदंडों के अनुसार प्रतिभूति ली जाएगी।

ऋण कैसे चुकाएं?

ऋण की चुकौती 10 वर्षों में करनी होगी तथा उसमें 2 वर्षों की अनुग्रह अवधि भी होगी।

इस ऋण के लिए आवेदन कैसे करें?

आप हमारी नजदीकी शाखा से संपर्क कर सकते हैं या आपके गांव में आने वाले हमारे विपणन अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।