किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी)

उद्देश्‍य :
किसानों को उनकी ऋण की आवश्‍यकताओं (कृषि संबंधी खर्चों ) की पूर्ति के लिए पर्याप्‍त एवं समय पर ऋण की सुविधा प्रदान करना साथ ही आकस्‍मिक खर्चों के अलावा सहायक कार्यकलापों से संबंधित खर्चौ की पूर्ति करना। यह ऋण सुविधा एक सरलीकृत कार्यविधि के माध्‍यम से यथा आवश्‍यकता आधार पर प्रदान की जाती है।
इस ऋण के लिए कौन पात्र हैं?
  • सभी किसानों – एकल/ संयुक्‍त उधारकर्ता जो कि स्‍वामित्‍वधारी कृषक हैं।

  • किराए के काश्‍तकार, जुबानी पट्टाधारी एवं सांझा किसान इत्‍यादि

  • स्‍व सहायता समूह या संयुक्‍त दायित्‍व समूह के किसान जिसमें किराए के काश्‍तकार, सांझा किसान शामिल हैं इत्यादि

ऋण की राशि
  • पहले वर्ष के लिए अल्‍पावधि ऋण सीमा प्रदान की गई है जो कि प्रस्‍तावित फसल पद्धति एवं वित्‍त के मान के अनुसार उगाई गई फसलों पर आधारित होगी।

  • फसलोत्‍तर / घरेलू / उपभोग की आवश्‍यकताओं एवं

  • कृषि आस्‍तियों,फसल बीमा, वैयक्‍तिक दुर्घटना बीमा योजना (पीएआईएस) एवं आस्‍ति बीमा के रखरखाव संबंधी खर्चों।

  • प्रत्‍येक अगले वर्षों (दूसरे, तीसरे, चौथे वर्ष) में यह सीमा10%की दर से बढा दी जाएगी (पॉंचवे वर्ष के लिए किसानों को अल्‍पावधि ऋण की सीमा पहले वर्ष से लगभग 150%अधिक की स्‍वीकृति दी जाएगी)

  • केसीसी की सीमा का निर्धारण करते समय कृषि यंत्रों /उपकरणों आदि के रूप में छोटी राशियों की निवेश की आवश्‍यकताएं (जैसे स्‍प्रेयर, हल आदि) जो कि एक वर्ष की अवधि में देय होगी को शामिल किया जाएगा। ( ऋण के इस हिससे को दूसरे से पॉंचवे वर्ष के दौरान स्‍वत: आधार पर शामिल नहीं किया जाएगा परन्‍तु संबंधित वर्ष के लिए अधिकतम आहरण सीमा की गणना करते समय प्रत्‍येक वर्ष में इस अंश के लिए ऋण की आवश्‍यकता को शामिल किया जाएगा।

  • iv) में बताए अनुसार पॉंचवे वर्ष के लिए अल्‍पावधि ऋण सीमा की गणना साथ्‍ ही ऊपर v) में बताए अनुसार दी गई निवेश ऋण अपेक्षाएं (पॉंच वर्षों में सर्वाधिक) को अधिकतम अनुमत्‍त सीमा (एमपीएल) होगी एवं उसे किसान क्रेडिट कार्ड सीमा के रूप में संस्‍वीकृत किया जाएगा।

  • पहले वर्ष के लिए आंकी गई अल्‍पावधि ऋण सीमा के साथ अपेक्षित अनुमानित निवेश ऋण सीमा जैसा कि ऊपर iiv) एवं v) में बताया गया है (एमडीएल)

विशेषताएं
  • केसीसी के उधारकर्ता को एक एटीएम सह डेबिट कार्ड जारी किया जाएगा (स्‍टेट बैंक किसान डेबिट कार्ड) ताकि वे एटीएमों एवं पीओएस टर्मिनलों से आहरण कर सकें।

  • केसीसी एक विविध खाते के स्‍वरूप का होगा। इस खाते में कोई जमा शेष रहने की स्‍थिति में उस पर बचत खाते के समान ब्‍याज मिलेगा ।

  • केसीसी में 3 लाख रु तक की राशि पर प्रसंस्‍करण शुल्‍क नहीं लगाया जाता है।

  • निम्‍नलिखित के लिए संपार्श्‍विक प्रतिभूति में छूट दी गई है:

  • क. 1 लाख रूपये तक की सीमा पर

    ख.3 लाख रूपये तक के ऋणों की सीमाओं के लिए जिनके संबंध में वसूली के लिए गठबंधन व्‍यवस्‍था की गई है।

  • केसीसी खातों का वार्षिक आधार पर नवीकरण करना आवश्‍यक है जो कि उपर्युक्‍त देय तारीखों से काफी पहले किया जाना आवश्‍यक है ताकि 5 वर्षों के लिए सतत आधार पर इसकी ऋण सीमा को जारी रखा जा सके। अत: शाखाओं को सुनिश्‍चित करना होगा कि वे यथा आवश्‍यकता परिसीमन अधिनियम के तहत 3 वर्षों की समाप्‍ति के पूर्व नवीकरण पत्र प्राप्‍त कर ले ।

  • इस नवीकरण के उद्देश्‍य को ध्‍यान में रखते हुए वर्तमान अनुदेशों के अनुसार शाखाएं (उगाई गई फसलों / प्रस्‍तावित फसलों के संबंध में) संबंधित उधारकर्ताओं से एक साधारण-सा घोषणा-पत्र प्राप्‍त कर लें। केसीसी उधारकर्ताओं की संशोधित एमडीएल आवश्‍यकताओं का निर्धारण प्रस्‍तावित फसल की पद्धति एवं उनके द्वारा घोषित क्षेत्रफल के आधार पर किया जाएगा।

  • पात्र फसलों को फसल बीमा योजना- राष्‍ट्रीय कृषि बीमा योजना (एनएआईएस) के अंतर्गत कवर किया जाएगा।

ऋणों का संवितरण

फसलों की कटाई संबंधी जरूरतों के अनुसार ऋणों का नकदी संवितरण किया जाएगा।

चुकौती

खरीफ(एकल) (1 अप्रैल से 30 सितम्‍बर ) - 31 जनवरी

रबी(एकल) (1 अक्‍तूबर से 31 अक्‍तूबर) - 31 जुलाई

दोहरी/विविध फसलों (खरीफ एवं रबी फसलों) - 31 जुलाई

दीर्घावधि फसलों ( वर्ष भर) - 12 माह (पहले संवितरण की तारीख से )

उधारकताओं को चुकौती तारीख के अंतर्गत अपनी कृषि आय या अन्‍य जमाओं को केसीसी खाते में जमा करना होता है जो कि ब्‍याज एवं अन्‍य प्रभारों के साथ एक न्‍यूनतम ऋण राशि के बराबर होना चाहिए।

ऋण के लिए कैसे आवेदन करें

आवेदक हमारी किसी नजदीक की किसी शाखा से संपर्क करें जो कि कृषि अग्रिम का कार्य करती हो या वे ग्रामों में विजिट करने वाले किसी विपणन अधिकारी से भी संपर्क कर सकते हैं।